Sunday, October 17, 2010

आओ नौजवान मिलके : ಆಓ ನೌಜವಾನ ಮಿಲಕೇ : AO naujavaana milakE


ಆಓ ನೌಜವಾನ ಮಿಲಕೇ ದೇಶ ಕೋ ಬಢಾಏ ಹಮ
ದೇಶ ಕೋ ಬಢಾಏ ಮಿಲಕೇ ಕ್ರಾಂತಿ ಗೀತ ಗಾಏ ಹಮ
ಕ್ರಾಂತಿ ಗೀತ ಗಾಏ ಪೂರೇ ರಾಷ್ಟ್ರ ಕೋ ಜಗಾಏ ಹಮ ||ಧೃ||

ಹಾಥ ಮೇಂ ಹಮಾರೇ ಹೀ ತೋ ಭಾರತೀ ಕೀ ಲಾಜ ಹೈಂ
ದೇವಭೂಮಿ ಕೋ ಬನಾನಾ ಸಾರೇ ಜಗ ಕ ತಾಜ ಹೈ
ಭರತಭೂಮಿ ಕೋ ಬನಾನಾ ಸಾರೇ ಜಗ ಕ ತಾಜ ಹೈಂ
ಭೂಖ ಭಯ ಗರೀಬಿ ಕಾ ನಾ ಕೋಈ ಅಂಧಕಾರ ಹೋ
ಔರ ಭ್ರಷ್ಟಚಾರ ಕೀ ಭಿ ರಾತ ತಾರ ತಾರ ಹೋ
ಜಾತಿ ಪಾತಿ ಪಂಥ ಕೀ ದೀವಾರ ಕೋ ಹಟಾಏ ಹಮ ||೧||

ದೇಶ ಕಾ ಭವಿಷ್ಯ ಹಮ ಹೈ ದುಷ್ಮನೋಂ ಕಾ ಕಾಲ ಹಮ
ರಾಣಾ ಔರ ಶಿವಾ ಕೀ ಸ್ವಾಭಿಮಾನ ಕೀ ಮಶಾಲ ಹಮ
ಜನನಿ ರಾಮ ಕೃಷ್ಣ ಕೀ ಜೋ ಇಸ ಧರಾ ಕೇ ಲಾಲ ಹಮ
ದೇಶ ಕೇ ಶಹೀದ ದೇಖತೇ ಹೈಂ ಆಸಮಾನ ಸೇ
ಕೌನ ಖ್ವಾಬ ಸಚ ಕರೇಗ ಔರ ಲಡೇಗ ಶಾನ ಸೇ
ಇಸ ವತನ ಕೇ ದುಷ್ಮನೋಂ ಕೋ ಕುಛ ಸಬಕ ಸಿಖಾಏ ಹಮ ||೨||

ಆಟೋಮಿ ಧಮಾಕೇ ಕರಕೇ ಶಕ್ತಿ ಮಂತ್ರ ಪಾ ಲಿಯಾ
ಹಮ ಕಿಸೀಸೇ ಕಮ ನಹೀಂ ಯೇಹ ದುನಿಯಾ ಕೋ ದಿಖಾ ದಿಯಾ
ಹಮ ಹೈಂ ಶಕ್ತಿಶಾಲಿ ಸಾರೇ ಜಗ ಕೋ ಯೇಹ ದಿಖಾ ದಿಯಾ
ವಿಶ್ವ ಕೀ ಹರ ಏಕ ಶಕ್ತಿ ಹಮ ಕೋ ಹೈಂ ನಿಹಾರತೀ
ಆಸಮಾನ ಭೀ ಉತಾರೇ ಭಾರತೀ ಕೀ ಆರತೀ
ಶಾನ್ತಿ ಕೇ ಲಿಏ ಹೀ ಕ್ರಾಂತಿ ಕಾ ಬ್ಯುಗುಲ ಬಜಾಏ ಹಮ ||೩||

ಏಕತಾ ಅಖಂಡತಾ ಕಾ ಏಕ ದಿವ್ಯ ಮಂತ್ರ ಹೋ
ವಿಶ್ವ ಕೇ ಲಿಯೇ ಮಿಸಾಲ ಅಪನಾ ಲೋಕತಂತ್ರ ಹೋ
ಜಾನಕೇ ಕೇ ಲಕ್ಷ್ಯ ಜೈಸಾ ಅಬ ವಿಶೇಶ ತಂತ್ರ ಹೋ
ಆಜ ಹಮಕೋ ದೇ ರಹಾ ಹೈ ವಕ್ತ ಜೋ ಚುನೋತಿಯಾಂ
ಚಾರೋ ಓರ ಸೇ ಉಠೀ ಹೈ ಸ್ವಾರ್ಥ ಕೀ ಜೋ ಆಂಧಿಯಾಂ
ಅಬ ಸಭೀ ರುಕಾವಟೋಂ ಕೋ ರಾಹ ಸೇ ಹಟಾಏ ಹಮ ||೪||

आओ नौजवान मिलके देश को बढाए हम
देश को बढाए मिलके क्रांति गीत गाए हम
क्रांति गीत गाए पूरे राष्ट्र को जगाए हम ॥धृ॥

हाथ में हमारे ही तो भारती की लाज हैं
देवभूमि को बनाना सारे जग क ताज है
भरतभूमि को बनाना सारे जग क ताज हैं
भूख भय गरीबि का ना कोई अंधकार हो
और भ्रष्टचार की भि रात तार तार हो
जाति पाति पंथ की दीवार को हटाए हम ॥१॥

देश का भविष्य हम है दुष्मनों का काल हम
राणा और शिवा की स्वाभिमान की मशाल हम
जननि राम कृष्ण की जो इस धरा के लाल हम
देश के शहीद देखते हैं आसमान से
कौन ख्वाब सच करेग और लडेग शान से
इस वतन के दुष्मनों को कुछ सबक सिखाए हम ॥२॥

आटोमि धमाके करके शक्ति मन्त्र पा लिया
हम किसीसे कम नहीं येह दुनिया को दिखा दिया
हम हैं शक्तिशालि सारे जग को येह दिखा दिया
विश्व की हर एक शक्ति हम को हैं निहारती
आसमान भी उतारे भारती की आरती
शान्ति के लिए ही क्रान्ति का ब्युगुल बजाए हम ॥३॥

एकता अखंडता का एक दिव्य मन्त्र हो
विश्व के लिये मिसाल अपना लोकतन्त्र हो
जानके के लक्ष्य जैसा अब विशेश तन्त्र हो
आज हमको दे रहा है वक्त जो चुनोतियाँ
चारो ओर से उठी है स्वार्थ की जो आंधियाँ
अब सभी रुकावटों को राह से हटाए हम ॥४॥

AO naujavaana milakE dESa kO baDhAE hama
dESa kO baDhAE milakE krAMti gIta gAE hama
krAMti gIta gAE pUrE rAShTra kO jagAE hama ||dhRu||

hAtha mEM hamArE hI tO BAratI kI lAja haiM
dEvaBUmi kO banAnA sArE jaga ka tAja hai
BarataBUmi kO banAnA sArE jaga ka tAja haiM
BUKa Baya garIbi kA nA kOI aMdhakAra hO
aura BraShTacAra kI Bi rAta tAra tAra hO
jAti pAti paMtha kI dIvAra kO haTAE hama ||1||

dESa kA BaviShya hama hai duShmanOM kA kAla hama
rANA aura SivA kI svABimAna kI maSAla hama
janani rAma kRuShNa kI jO isa dharA kE lAla hama
dESa kE SahIda dEKatE haiM AsamAna sE
kauna KvAba saca karEga aura laDEga SAna sE
isa vatana kE duShmanOM kO kuCa sabaka siKAE hama ||2||

ATOmi dhamAkE karakE Sakti maMtra pA liyA
hama kisIsE kama nahIM yEha duniyA kO diKA diyA
hama haiM SaktiSAli sArE jaga kO yEha diKA diyA
viSva kI hara Eka Sakti hama kO haiM nihAratI
AsamAna BI utArE BAratI kI AratI
SAnti kE liE hI krAMti kA byugula bajAE hama ||3||

EkatA aKaMDatA kaa Eka divya maMtra hO
viSva kE liyE misAla apanaa lOkataMtra hO
jAnakE kE lakShya jaisA aba viSESa taMtra hO
Aja hamakO dE rahA hai vakta jO chunOtiyAM
caarO Ora sE uThI hai svArtha kI jO AMdhiyAM
aba saBI rukAvaTOM kO rAha sE haTAE hama ||4||

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